मेरा ये ब्लॉग मेरे मन के कोमल उद्गारों से विरचित है , आप सब इस पर सादर आमंत्रित हैं , अगर कोई सलाह देना चाहें तो कृतार्थ करें , आपका साथी अनिल आर्य...
मेरी बहनों को रक्षा-बंधन के पावन अवसर पर समर्पित चंद पंक्तियां...
भाई-बहन का अप्रतिम बंधन स्नेह-प्रीति का मांगलिक वंदन रक्षा-हेतु समर्पित हो तन-मन हृदय-पावन हो जाए जन-जन है ऐसा पवित्र-पर्व ये रक्षा-बंधन....
अनिल आर्य...
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