🌸 “पारस — उजियारा जीवन का” 🌸
जन्म दिवस है पारस तेरा — हरियाणा दिवस का सवेरा,
सूरज ने मुस्कान बिखेरी — दूर हुआ गहन अंधेरा।
तेरे आने से जैसे घर में — चाँद उतर के आया,
हर दिल में तूने बसाया — स्नेह, और भरोसा-छाया।
पिता रणधीर सिँह की छाया — अब भी तेरे संग चलती है,
उनकी मर्यादा, सच्चाई — तेरे स्वर में पलती है।
माँ बाला के आँचल ने तुझमें — प्रेम का दीप जलाया,
उनकी आँखों की दुआओं ने — तेरा पथ आलोकित करवाया।
स्नेहप्रीत तेरी जीवन-संगिनी — मृदुल वाणी, कोमल, सुशील
उसके संग तेरा जीवन — मधुर, सुकून, मुस्कानों की झील,
अभिमन्यु तेरा उजला स्वप्न — तेरे स्वरूप की पहचान,
तेरे संस्कारों से सीखे — सच्चाई और बड़ों का करे सम्मान।
रजनी-मोनिका बहनें तेरी — स्नेह की दो धारा,
उनके हृदय में बसता तुझसे — अपनापन सारा।
तेरा मन निर्मल, वाणी मधुर — जैसे गंगा की धार,
हर जन में देखे अच्छाई — यही तेरा उपहार।
हरियाणा की मिट्टी जैसा — सच्चा, सरल, प्रखर,
वैसा ही तू पारस प्यारे — उजला, ओजस्वी स्वर।
तेरी राहें रहें सुगंधित — मन में रहे उजास,
जीवन बने उदाहरण ऐसा — जैसा होता अटूट विश्वास।
🎉 जन्मदिन मुबारक पारस!
तेरे नाम की महक रहे — हर हृदय के पास,
जीवन में तू नाम करे - मिले तुझे हर मिठास।🌼