kyun yaad dilata nahi
सरदी मैं किसी गरीब के झोंपड़े से आग तापना किसी का
मुझे मेरे शामियाने की क्यूँ याद दिलाता नहीं ?
अनिल भरोसा किसी का जीत कर जो खेले कोई
मुझे मेरे ज़माने की क्यूँ याद दिलाता नहीं ?
पहले हँसना, जख्म देकर पूछे क्यूँ रोते नहीं हो ?
नींद उड़कर किसी की पूछे क्यूँ सोते नहीं हो ?
किसी नायिका की क्रूरता का ये मंजर पुराना
देखकर दिल मेरा ,
मौसम तेरा-मेरा सुहाना क्यूँ याद दिलाता नहीं है ???
No comments:
Post a Comment