मेरी जो
कमजोरी कहते हो
ताकत है
दिखला दूँगा,
अपने भुजबल कि
ताकत से
पत्थर को
पिघला दूँगा...
मनोबल
तपोबल
और बाहुबल
वीरों का ये गहना है,
इससे
पीछे नहीं हटूंगा
मैंने
हँसकर पहना है...
जीवन
अजस्र प्रवाह
स्नेह का,
मैं स्नेह सरिता
बहा दूँगा,
खाली बातों
पर मत जाना
मैं
साबित कर के
दिखा दूँगा...
अनिल आर्य...
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