मेरा स्कूल प्यारा-प्यारा,
रंग-बिरंगा है यह सारा।
सुबह-सुबह जब मैं जाऊँ,
हँसते-हँसते गीत सुनाऊँ।
घंटी बोली टन-टन-टन,
खुश हो जाता मेरा मन।
मैडम जी जब हमें पढ़ातीं,
कहानी से सपने भर लाती।
क, ख, ग में खेल-खेल,
सीखें हम सब मिलाके मेल।
दोस्तों संग हँसी-ठिठोली,
रिसेस में मिलती सब टोली।
खेल-कूद हों मस्ती वाली,
स्कूल में रहती खुशहाली।
मुझे मेरा स्कूल है भाता,
मुझको अच्छा इंसान बनाता।
अनायरा...अनिल आर्य
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