Wednesday, 29 October 2025

🌟 “महिमा – महात्मय की महारानी” 🌟

🌟 “महिमा – महात्मय की महारानी” 🌟

महिमा, तू नाम नहीं, एक सुरभित एहसास है,
तेरी मुस्कान में अपनापन, तेरी नज़रों में विश्वास है।
घर का हर कोना तेरी करुणा से महकता है,
तेरे आने से हर दिन बसंत बन चमकता है।

तेरे शब्दों में ममता, तेरी आँखों में उजियारा,
तेरी दृढ़ता में दिखता है शक्ति का सहारा।
तेरे स्पर्श से खिल उठती समाहिता की हर सांस है,
तेरे आँचल में ही सजग को मिलता ममत्व का अहसास है।

तू वो धड़कन जो उनके जीवन में राग भर दे,
तेरे होने से हर पल जीवंत स्वर सा लगे।
तेरे बिना हर सुर भटकता, हर राग खो जाए,
तेरे संग ही संगीत को जीवन मिल पाए।

तेरे संग जगविन्दर का जीवन एक गान बने,
हर कठिन राह तेरे प्रेम से आसान बने।
तू वो दीपक है जो आँधियों में भी जलती रही,
थककर भी सबको राह दिखाती चलती रही।

🎂💐 जन्मदिवस नहीं, यह तेरे होने का उत्सव है,
महिमा — तू स्नेह, साहस और सौन्दर्य का स्वर है।💐🎂

🔥✨ सादर शुभकामनाएँ —
वीर जगविन्दर की संगिनी,
जीवन की मधुर प्रेरणा — महिमा! ✨🔥


सप्रेम : अनिल आर्य ---

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