खुद को आजमाना चाहता हूँ
तुम से दूर जाना चाहता हूँ
हार कर जीतना
जीत कर हार जाना चाहता हूँ
इस तेरे इंद्रजाल को भेद कर
पार पाना चाहता हूँ
ज्यादा मेरी चाहत नहीं
इक छोटा सा शामियाना
चाहता हूँ
तंग आ गया हूँ
इन बंद कमरों की घुटन से
इक नया जहां बसाना
चाहता हूँ
खुद को आजमाना चाहता हूँ
तुम से दूर जाना चाहता हूँ
अनिल आर्य
14-10-2013
8:45
तुम से दूर जाना चाहता हूँ
हार कर जीतना
जीत कर हार जाना चाहता हूँ
इस तेरे इंद्रजाल को भेद कर
पार पाना चाहता हूँ
ज्यादा मेरी चाहत नहीं
इक छोटा सा शामियाना
चाहता हूँ
तंग आ गया हूँ
इन बंद कमरों की घुटन से
इक नया जहां बसाना
चाहता हूँ
खुद को आजमाना चाहता हूँ
तुम से दूर जाना चाहता हूँ
अनिल आर्य
14-10-2013
8:45
No comments:
Post a Comment