“माता शीतला — हमारे जीवन का ताप मिटाओ ”
हे शीतला माँ, शीतल धारा,
हर लो दुख, संताप हमारा।
तेरे चरणों में विनती सारी,
हम सब तेरे बालक -हे सुखकारी।
अनायरा की हँसी सदा खिले,
उसकी राहों में फूल मिलें।
तेरा स्नेह बने उसकी छाया,
हर दुःख से उसको बचाया।
शिवा हमारा चंचल, प्यारा,
तेरा ही अंश, तेरी ही धारा।
उसके मन में उजियारा भर दो,
माँ, ज्ञान और साहस वर दो।
पावनी तेरी निर्मल कली,
पवित्र भावों से सजी-खिली।
माँ, उससे करो कुछ ऐसा संवाद,
जग में नाम करे, दो आशीर्वाद।
तीनों पर करो ममता-वृष्टि,
तेरे बिना है अधूरी सृष्टि।
घर आँगन में शांति उतारे,
तेरी कृपा से सब सुख उजियारे।
शीतला माँ, ये विनय हमारी —
रहो सदा जीवन की अधिकारी।
माँ तेरे आँचल की हो शीतल छाया,
मिले स्वास्थ्य, सुःख, यश, धन-माया।
🌸 जय शीतला माँ — करुणा की धारा,
तेरे बच्चे — अनायरा, शिवा, पावनी ने तुझे पुकारा। 🌸
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