Monday, 5 January 2026

15 जनवरी

15 जनवरी — सिर्फ़ तुम

रजनी,
तुम दिन नहीं हो—
तुम वह वजह हो
जिससे दिन मायने रखते हैं।

उसी तारीख़ ने
तुम्हें मुझे दिया,
और मुझे
जीवन को संभालना सिखाया।

सात साल, आठ साल…
गिनती नहीं करता,
क्योंकि हर सुबह
तुम्हारे साथ
पहला ही लगता है।

तुम्हारी चुप्पी
मेरे शोर को शांत कर देती है,
और तुम्हारा विश्वास
मुझे बेहतर इंसान बनाता है।

आज
तुम्हारा जन्मदिन भी है,
और मेरा सबसे सही फ़ैसला भी—
एक ही दिन में
दो जीवन बस गए।

अगर फिर से चुनना हो,
तो भी
बिना सोचे
सिर्फ़ तुम।

दोनों दिन सदैव शुभ हों, रजनी
और
हमेशा के लिए—तुम्हारा, अनिल...

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