Monday, 5 January 2026

चुनाव

रजनी

तुम
मेरे मस्तक का शोर नहीं,
हृदय की स्थिरता हो।

जिस दिन ने
तुम्हें जन्म दिया,
उसी ने मुझे
दिशा दी।

तुम्हारे साथ
प्रेम प्रदर्शन नहीं,
निभाने की क्षमता बना।

और
लाल रंग-सा यह प्रेम-
जो दिखावा नहीं करता,
पर हर अँधेरे में
दीपक-सा रोशन रहता है।

आज
यह दिन
तुम्हारा भी है
और मेरे चुनाव का भी।

जन्मदिन की व वर्षगांठ की शुभकामनाएँ, रजनी
सदैव तुम्हारा अनिल आर्य...

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