Wednesday, 25 March 2026

रुद्रा: साहस, स्नेह और सत्य

रुद्रा नाम में अग्नि-सी ज्वाला,
मन में निर्मल गंगाजल धारा।
नन्हे कदमों में अद्भुत शक्ति,
हृदय में प्रेम भरा है सारा।

हँसी तुम्हारी जैसे प्रभात,
अंधियारा पल में हर लेती।
मासूम आँखों की गहराई,
हर थकान को दूर कर देती।

तुममें झलके वीरता की छाया,
भगवान शिव का अंश समाया।
कभी बनते हो तुम शीतल चंद्र,
कभी प्रलय-सा तेज दिखाया।

हर कदम पे हो विजय तुम्हारी,
हर सपना साकार बने।
जीवन-पथ पर बढ़ते जाओ,
हर दिन तुम्हारा उपहार बने।

माता-पिता का गौरव बनो,
कुल का उज्ज्वल मान बनो।
धरती पर तुम दीपक बनकर,
सबके जीवन की पहचान बनो।

जन्मदिवस की हार्दिक वंदना,
गूगा तुम यूँ ही खिलते रहो।
साहस, स्नेह और सत्य के संग,
हर पल आगे बढ़ते रहो।

अनिल आर्य...

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