Monday, 14 April 2014

हाँ मेरे जैसे मुझको कल मिलेंगे

मेरी उमर में
उठाया हो दोस्ती में
नुकसान इतना....
इतने कम मिलेंगे....
और जितने भी मिलेंगे ,
दुखी हरदम मिलेंगे....
अरे ! उनकी किस्मत होगी ऐसी
की हरदम बाँटेंगे
अपने हिस्से की खुशियाँ सबको,
बदले मैं
सबके हिस्से के गम मिलेंगे....
चल आज नहीं तो कल सही,
हाँ मेरे जैसे मुझको कल मिलेंगे....

                   अनिल आर्य… 

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