मेरी उमर में
उठाया हो दोस्ती में
नुकसान इतना....
इतने कम मिलेंगे....
और जितने भी मिलेंगे ,
दुखी हरदम मिलेंगे....
अरे ! उनकी किस्मत होगी ऐसी
की हरदम बाँटेंगे
अपने हिस्से की खुशियाँ सबको,
बदले मैं
सबके हिस्से के गम मिलेंगे....
चल आज नहीं तो कल सही,
हाँ मेरे जैसे मुझको कल मिलेंगे....
अनिल आर्य…
उठाया हो दोस्ती में
नुकसान इतना....
इतने कम मिलेंगे....
और जितने भी मिलेंगे ,
दुखी हरदम मिलेंगे....
अरे ! उनकी किस्मत होगी ऐसी
की हरदम बाँटेंगे
अपने हिस्से की खुशियाँ सबको,
बदले मैं
सबके हिस्से के गम मिलेंगे....
चल आज नहीं तो कल सही,
हाँ मेरे जैसे मुझको कल मिलेंगे....
अनिल आर्य…
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